ISRO चंद्रयान 3 चंद्रमा पर कब और कितने बजे करेगा लैंडिंग और चन्द्रमा पर क्या है उद्देश

इसरो भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन द्वारा चांद पर लैंडिंग करने के लिए तैयार चंद्रयान-3 को 14 जुलाई को लॉन्च किया गया, इसरो के चंद्र मिशन पर पूरे देश की नजरे टेकी हुई है। आप भी चंद्रयान 3 के साक्षी बनना चाहते हैं तो हमारे इस आर्टिकल को अंत तक जरूर पड़े। जिसमें आपको बताया जाएगा कि चंद्रयान 3 चांद पर कोन कोन सी खोज करेगा।

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भारत का मून मिशन इसरो चंद्रयान 3 को शुक्रवार 14 जुलाई 2023 को लॉन्च कर दिया गया है। इसे 2 बज कर 35 मिनट पर आंध्र प्रदेश के श्री हरीकोटा मै स्थित सतीश धवन स्पेस सेंटर से छोड़ा गया chandrayan 3 को तैयार करने में 615 करोड़ रूपए की लागत लगाई गई है।

और दोस्तों आपको बता देना इसको अंतरिक्ष में भेजने के लिए रॉकेट में ईधन की लागत 378 करोड़ रुपए का खर्च आएगा यह मिशन चंद्रयान 3 को चंद्रमा की सतह पर पहुंचने में करीब 42 दिन का समय लग सकता है यह समय आगे पीछे भी हो सकता है।

chandrayaan-3 को भेजने में LVM- 3 लॉन्चर का प्रयोग किया गया है।

क्या चंद्रयान मिशन कितना सफल होगा

भारत का तीसरा चंद्र मिशन चंद्रमा की सतह पर कदम रखेगा चंद्रयान 3 चांद की सतह पर वायुमंडल वायुमंडलीय दाब और इसके भीतर की हलचल का पता लगाएगा, चंद्रयान 3 इसरो के पूर्व वैज्ञानिक नांबी नारायणन ने कहा- “इसरो टीम को बधाई. आप सभी ने जो नैतिक समर्थन दिया और जो उत्साह दिखाया, हमें उम्मीद है कि हमारा मिशन सफल होगा।

चंद्रयान 3 का प्रमुख उद्देश

  • चंद्र की सतह पर सुरक्षित और सॉफ्ट लैंडिंग प्रदर्शित करना है।
  • चंद्रयान 3 के रोवर को चंद्रमा पर भ्रमण का प्रदर्शन करनाहै।
  • चांद की सतह पर वायुमंडल में वायुमंडलीय दाब और चांद की सतह पर गति गतिविधियों का पता लगाना।
  • ध्रुवीय क्षेत्र के निकट चंद्र सतह के तापीय गुणों का मापन करना।
  • चांद की सतह पर प्लाज्मा आयरन इलेक्ट्रॉनिक घनत्व को समय के साथ परिवर्तन को नापना।
  • यथास्थित वैज्ञानिक प्रयोग करना।

Chandrayaan-3 हुआ लॉन्च इसरो चीप का ट्वीट

भारत का तीसरा चंद्र मिशन chandrayaan-3 को लॉन्च करने पर इसरो प्रमुख एस सोमनाथ ने कहा कि यदि सब कुछ ठीक रहा तो 23 से 24 अगस्त के बीच chandrayaan-3 शाम 5:47 बजे चंद्रमा की सतह पर लेंडिंग करेगा।

Chandrayaan-2 की गलतियों में सुधार कर चंद्रयान-3 को लांच किया

इसरो संचालक प्रमुख सोमनाथ ने बताया है कि चंद्रयान-1 में हुई गलतियों का सुधार chandrayaan-2 में किया गया था chandrayaan-2 चांद की सतह पर लेंडिंग करते वक्त क्रैश हो गया था उसकी गलतियों का सुधार कहते हुए chandrayaan-3 को लॉन्च किया गया है यह चंद्रमा की सतह पर स्थित वायुमंडलीय दाब और हलचल को पता लगाने में पूर्णता पूर्ण रूप से सफल होगा।

Chandrayaan-3 ने भारत की अंतरिक्ष यात्रा पर लिखा नया अध्ययन

भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने चंद्रयान 3 के लॉन्चिंग होने के बाद ट्वीट किया है प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने chandrayaan-3 के लॉन्चिंग होने पर नया अध्ययन लिखा है! “हर भारतीय के सपनों और महत्वाकांक्षाओं को ऊपर उठाते हुए ऊंची उड़ान भरी है. यह महत्वपूर्ण उपलब्धि हमारे वैज्ञानिकों के अथक समर्पण का प्रमाण है”

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